M.S Dhoni – King of all Indian Cricket Captains

आप धोनी (Dhoni) का नाम लेते है तो सबसे पहले दिमाग में आता है – “कप्तान”

“उन्होंने (Dhoni) कई बार मुझे ड्राप होने से बचाया और कई मोके दिए खुद को साबित करने के – धोनी आप हमेशा मेरे कप्तान रहेंगे” – विराट कोहली  (भारतीय टीम कप्तान )

जब 2005 में लहराते बालो वाला M.S Dhoni भारतीय क्रिकेट (Indian cricket) में आया तो किसी को उम्मीद नहीं थी की यही खिलाड़ी एक दिन कप्तान के रूप में एक कभी न भूल सकने वाली कहानी लिख कर जाएगा । एक ऐसी कहानी जिसमे भारतीय क्रिकेट इतिहास की कई विजय गाथाए शामिल होती जाएंगी ।

[cml_media_alt id='87']dhoni man of the series in 2005[/cml_media_alt]
Indian Man-of-the-Series Mahendra Singh Dhoni poses with his trophy after the seventh and final one day international (ODI) match between India and Sri Lanka in Vadodara, 12 November 2005. India won the match by five wickets and the series 6-1. AFP PHOTO/INDRANIL MUKHERJEE / AFP PHOTO / INDRANIL MUKHERJEE
Indian cricket team Captain Mahendra Singh Dhoni (C) celebrates his victory, 24 September 2007, against Pakistan at the end of the Twenty20 cricket world championship final match between India and Pakistan at Wanderers cricket stadium in Johannesburg.
AFP PHOTO/GUERCIA

2007 के वर्ल्ड T -20 चैंपियंस (champions) बनने से शुरू हुआ इस कप्तान का सफर 2009 में ICC Test No. 1 की रैंकिंग के साथ होता हुआ 2011 के World Cup champions बनने तक पहुँच गया और थोड़े ही दिनों बाद इसमें ICC Champions Trophy  भी शामिल हो गई । इस तरह ईसीसी (ICC) के तीनो बड़े ख़िताब जीतने वाले एक मात्र कप्तान बनने का गौरव भी प्राप्त कर लिया । अब इस कप्तान ने बड़ी समझदारी से साथ भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी विराट कोहली (Virat Kohli) को दे दी है ।

2007 World Cup में India  का सफर बेहद निराशाजनक रहा था जिसके बाद द्रविड़ ने कुछ दिनों में ही कप्तानी छोड़ दी। अब सवाल यह था की कौन टीम में फिर से रंग ले आए और जीत की भूक जगाए ?

21 वी शताब्दी के शुरू में यह काम गांगुली (Ganguly) ने किया था लेकिन अब गांगुली युग ख़त्म हो रहा था । गांगुली की कप्तानी में खेलते हुए अपने शुरुआती दौर में ही Dhoni ने श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की तूफानी पारी खेलकर सबको एहसास कराया था कि किस क्षमता के खिलाडी ने क्रिकेट में कदम रख दिया है । उस सीरीज में मन ऑफ़ द सीरीज वे ही थे । अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में महज 3 साल पुराना यह खिलाड़ी अपने कड़े और हैरान कर देने वाले फैसलो से भारतीय टीम में कप्तानी की एक अलग परिभाषा लिखकर जाएगा कभी सोचा न था ।

[cml_media_alt id='80']Dhoni and ganguly[/cml_media_alt]

World T -20 के आयोजन के समय एक प्रयोग के तौर पर Dhoni को आजमाया गया और इस पहले (first) World T -20 Tournament में इंडिया विजेता बन कर उभरा । इसके बाद धोनी ने अपनी कप्तानी पर सवाल उठाने का किसी को मौका ही नहीं दिया और एक के बाद एक जीतो से आलम ये बन गया की कप्तान और धोनी आपस में पर्यावाची से लगने लगे । कहते है जो शुरू हुआ है उसे ख़तम होना ही है लेकिन यह भी सच है की धोनी ने भारतीय क्रिकेट में कई स्मरणीय लम्हे दिखाए ।

[cml_media_alt id='86']MS Dhoni with ICC T-20 trophy[/cml_media_alt]
Mahendra Singh Dhoni gets his hands on the ICC World Twenty20 trophy
[cml_media_alt id='88']champions trophy[/cml_media_alt]
Dhoni with champions trophy

110 one-day, 41 T-20 और  27 tests में भारत की जीत की कहानी लिखी । यह कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है , यह वह Cricket record है जो उन्हें अब तक का सबसे सफल भारतीय कप्तान बनाता है । इन रिकॉर्ड में 2007 का  T -20 वर्ल्ड कप और  2011 के विशवक्प  (World Cup) जैसे ख़िताब जोड़ लिए जाए तो यह आशचर्यजनक कामयाबी बन जाता है ।

[cml_media_alt id='96']world cup final - dhoni's final sixer[/cml_media_alt]
Indian captain Mahendra Singh Dhoni (L) hits a six to win against Sri Lanka as teammate Yuvraj Singh reacts during the Cricket World Cup 2011 final at The Wankhede Stadium in Mumbai on April 2, 2011. India beat Sri Lanka by six wickets. AFP PHOTO/Indranil MUKHERJEE / AFP PHOTO / INDRANIL MUKHERJEE
[cml_media_alt id='89']dhoni with 2011 cricket world cup[/cml_media_alt]
MS Dhoni with 2011 world cup
[cml_media_alt id='79']champions trophy[/cml_media_alt]
champions trophy

धोनी ने अचानक कप्तानी क्यों छोड़ी ?

India vs England सीरीज़ के लिए टीम चुने जाने से केवल दो दिन पहले ही अचानक धोनी (Dhoni) ने one -day की भी कप्तानी छोड़ दी ।

लगभग 2 वर्ष पहले “नए खिलाडियो को मौका देने का वक्त आ गया है “ कहकर उन्होंने test matches की कप्तानी से सन्यास (resign) का फैसला लिया था ।

इस बार भी धोने ने दो बड़ी वजह बताई । पहला यह की वो नए कप्तान को वक्त देना चाहते है और दूसरा की विराट और उनकी कप्तानी शैली में अंतर है और यह अंतर खिलाड़ियो की अस्तव्यस्तता (confusion) बढ़ाता है इसलिए तीनो ही फॉर्मेट में एक ही कप्तान होना चाहिए ।

(England) इंग्लैंड के खिलाफ अगर अभ्यास मैच अपने देखा हो तो पता ही होगा कि वो किसी अंतराष्ट्रीय मैच से कम नहीं था । उन्हें आखरी बार कप्तानी करते देखने के लिए लोग अभ्यास मैच में भी मैदान पर उमड़ पड़े थे ।

Mahendra Singh Dhoni का यह फैसला भी कम सनसनीखेज नहीं रहा । खबरे आई कि धोनी ने यूं ही कप्तानी नहीं छोड़ी बल्कि उन्हें ऐसा करने के किए चयनकर्ताओ और बोर्ड की ओर से निर्देश जारी किया जा चूका था । हाँ इसी सीरीज में कप्तानी छोड़ दे, ऐसा भी कुछ नहीं था । Dhoni ने BCCI को कप्तानी छोड़ने संबंधी जो mail किया उससे भी यही बात सामने आई ।

उस मेल में लिखा था कि  “मैं भारत के एकदिवसीय कप्तान के पद से इस्तीफा देता हूँ और विराट का मेंटर बनने के लिए तैयार हूँ ।”

क्या किसी ने उनसे पहले ही विराट का मेंटर बन जाने की बात कही थी ?

यह भी कहा जा रहा है जब धोनी Ranji trophy match के दौरान Jharkhand में मेंटर के रूप में मोजूद थे तब चयनसमिति के अध्यक्ष MSK prasad और BCCI CEO Rahul Johri से काफी देर बात करते देखा गया ।
माना जा रहा है की Nagpur Ranji Trophy match के दौरान ही MSK Prasad ने Dhoni से कप्तानी पर पुनः विचार करने को कहा था । पर यह एक विवादग्रस्त मुद्दा है ।

लेकिन धोनी की कप्तानी छोड़ने के बाद प्रसाद की टिपणी साफ़ इशारा करती है कि चयनसमिति विराट को हर फॉर्मेट का कप्तान बनाने के बारे में गहराई से सोचने लगी थी ।

प्रसाद ने कहा था कि  “मैं सही समय पर लिए गए उनके फैसले की तारीफ करता हूं । वे जानते है कि विराट खुद को एक बेहतरीन टेस्ट कप्तान के रूप में साबित कर चुके है |”

मूलतः दो कारण देखे जा सके है :
  1. पहला 2015 विश्वकप में ख़राब प्रदर्शन , 2015 -16 में अपनी कमज़ोर बलेबाज़ी|
  2. दूसरी तरफ विराट की टेस्ट कामयाबी आष्चर्यजनक रही ।

विराट (Virat Kohli)  लगातार प्रभावशाली अंदाज़ में टेस्ट सीरीज दर सीरीज जीत रहे है और इनमे उनकी बल्लेबाज़ी भी बेहतरीन रही है । इसी वजह से विराट की कप्तानी की काबलियत हर जगह चर्चा का विषय बनी हुई है ।

कह सकते है की एक कप्तान के रूप में धोनी युग का अंत हो चूका है । पर देखा जाए तो हर खिलाडी का एक सूरज उगता हो और फिर वह ढलता भी है इसे ही जीवन कहते है । धोनी ने खेलजगत में देश का नाम खूब ऊँचा किया है और हम इसके आभारी है । वह एक सफल  क्रिकेटर और कप्तान रहे है  जिसकी सरहाना  उनकी टीम भी करती है । और इससे बढ़कर वह अच्छे समझदार इंसान है । अब एक खिलाडी के रूप में कितना आगे जाते है यह देखने वाली बात होगी । हमारी शुभ कामनाए उनके साथ है ।

ज़रूरी नहीं है कि पारंपरिक विकेटकीपर ही अच्छी कीपिंग करे । धोनी की विकेटकीपिंग उनकी ही तरह सदा स्थिर रही है । उनकी तेज़ रनिंग का उदहारण – मुस्ताफ़िज़ुर रहमान को रन आउट करना और दोनों पैरों के बीच से गेंद को स्टंप पर थ्रो कर मुशफिकर रहीम को पवेलियन की राह दिखाना । ये उनकी विकेटकीपिंग के कुछ ऐसे उदहारण है जिन्हें क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेगे । 2016 के t -20 वर्ल्ड कप में दस्ताने उतारकर इसलिए विकेटकीपिंग की ताकी फुर्ती से गेंद पकड़कर जितनी जल्दी हो सके स्टंप पर फेक सके ।

[cml_media_alt id='93']dhoni run out mushtafizur[/cml_media_alt]
Dhoni run-out Mustafizur

[cml_media_alt id='91']MS-Dhoni-Run-out[/cml_media_alt]

धोनी अकेले ऐसे है जिन्होंने ICC के तीनो सबसे बड़े टूर्नामेंट एक कप्तान के रूप में जीते है – वर्ल्ड टी-20 , विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी  । इसके अलावा टेस्ट में भी वे भारत को ICC No 1 Team बना चुके है ।

“एक कप्तान के रूप में भारतीय क्रिकेट को बुलंदिओ पर पहुचने के लिए आपका धन्यवाद् महेंद्र सिंह धोनी”

अगर मेरी ज़िन्दगी के आखरी 15 सेकंड बचे हो तो मै धोनी का विश्व कप जितने वाला छक्का देखना पसंद करूँगा – सुनील गावस्कर
उनकी लीडरशिप में भारतीय टीम ने नई उच्चाइओ को छुआ । उनके अचीवमेंट्स दशको तक  में याद किए जाएगे – राहुल जौहरी ( CEO  BCCI )
“धोनी ने हमेशा टीम को अपने से पहले रखा “- डीप दास गुप्ता ( पूर्व भारतीय क्रिकेटर )

“एक कप्तान के रूप में आपके शानदार करियर के लिए आपको बधाई “- सचिन तेंदुलकर
MS Dhoni भारत के सबसे सफलतम कप्तान के रूप में कप्तानी छोड़ रहे है – वे शानदार इंसान है और अभी भी भारतीय क्रिकेट को काफी कुछ दे सकते है – Michael Clarke (पूर्व ऑस्ट्रेलियन कप्तान )

धोनी के यादगार रिकार्ड्स

धोनी की कप्तानी का रिकॉर्ड

[cml_media_alt id='104']Dhoni captaincy record[/cml_media_alt]

  • टी-20 में कप्तान के रूप में सबसे ज़्यादा जीतो (41 ) का रिकॉर्ड अभी भी धोनी के पास है ।
  • 110 one -day match wins – Ricky Ponting (165 wins ) के बाद किसी भी कप्तान की दूसरी सबसे ज़्यादा जीते है ।
  • कीपर – कप्तान के रूप में सीमित ओवरों के 271 match रिकॉर्ड ।
  • ICC के सीमित ओवरो के तीनो बड़े टूर्नामेंट जीतने वाले एकलौते कप्तान ।
  • 199 एकदिवसीए मैचों में भारत की कप्तानी की – भारतीय रिकॉर्ड ।
  • जीते हुए मैचों में एक कप्तान के रूप में धोनी की बल्लेबाज़ी औसत  70.83 है – तीसरी सबसे अच्छी ।