India’s First Sports Museum – Fanattic Sports Museum in Kolkata

म्यूजियम का नामफ़ॉनेटिक स्पोर्ट्स म्यूजियम और ये म्यूजियम बोरिया माज़ुम्दार की मेहनत का फल है ।

 Fanattic Sports Museum- An Initiative by Prof. Boria Majumdar

fanatic sports museum

कोलकत्ता (Kolkata) में भारत का पहला मल्टी स्पोर्ट ( सभी खेलो का ) sports museum म्यूजियम का पिछले दिनों उद्घाटन हुआ । और ख़ुशी की बात यह है की इसमें क्रिकेट की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा है और हो भी क्यों न देश का सबसे पसंदीदा खेल है ।

इसके उद्घाटन (inauguration)में सचिन तेंदुलकर , सौरव गांगुली , अभिनव बिंद्रा , देवेंद्र झाझरिया एव दीपा मालिक मौजूद थे ।

BCCI ने कई साल पहले फैसला लिया था की वे मुम्बई में एक क्रिकेट म्यूजियम ( sports museum of Cricket) बनाएगे । बहरहाल हर तरह की सुविधाओ के बावजूद BCCI म्यूजियम नहीं बना सका ।

क्रिकेट( Cricket) के एक अच्छे म्यूजियम (Museum) का इंतज़ार तो अभी तक चल रहा है लेकिन कुछ शुरुआत तो हुई है ।

Fanattic Sports Museum

सिर्फ भारतीय खेलो (Indian Sports) को नहीं समर्पित यहाँ बाहर देशो (International Sports) की भी चीज़े है जैसे की ऑटोग्राफ (Autographed) स्मृति चिन्ह (Memorabilia) टेनिस के दिगज रॉजर फेडरर (Roger Fedrer) और राफेल नडाल (Rafel Nadal)।

बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) ने कहा की उन्हें दो दशक लगे इस म्यूजियम की कलेक्शन और स्थापना में ।उन्होंने  बताया कि जब वे ऑक्सफ़ोर्ड (Oxford, UK) में पड़ते थे तो उन्होंने प्रुडेंशियल कप (Prudential Cup Memorabilia) मेमोरेबीलिया देखा ।’ तब मैंने सोचा था की हम भारत में ऐसा कुछ क्यों नहीं करते । मैंने क्रिकेट से जुड़ी यादगार चीज़ों का संकलन शुरू किया और अब यहाँ प्रदर्शित ज़्यादातर सामान मैंने दिया है ।’
फ़ॉनेटिक स्पोर्ट्स म्यूजियम (Fanattics Sports Museum) का टाई उप नेशनल फुटबॉल म्यूजियम जो के विष्व का सबसे प्रसिद्ध फुटबॉल म्यूजियम मैनचेस्टर में है ।(National Football Museum , Manchester, UK.)

6700 sq feet में फैला यह म्यूजियम खेलो के शौकीन को बहुत पसंद आएगा ।

इस म्यूजियम  (Museum)में रखे गए सामान में से कुछ चीजें है :

  • यहाँ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के वे ग्लव्स (gloves) है जो उन्होंने 100 वा शतक (century) बनाते हुए पहने थे ।
  • लियोनल मेस्सी (Lionel Messi) के बूट है ।
  • रियो (Rio) में 2016 में रजत पदक जीतने के बाद पी वी सिंधू ने अपनी ऑटोग्राफ सहित जर्सी दी साथ में हरियाणा की रियो पैराओलिंपिक में पदक जीतने वाली दीपा मलिक  और देवेंद्र झाझरिया ने भी ऑटोग्राफ के साथ  टी – शर्ट दी  ।
  • हॉकी के दिगज मेजर ध्यान चंद के  अन्य हॉकी खिलाड़ियो से जुडी चीज़े भी है इस म्यूजियम में ।
  • एक शतरंज (chess) का बोर्ड जिस पर विश्वनाथन आनंद के ऑटोग्राफ है ।
  • भारत में प्रकाशित पहली खेल पत्रिका -1837 की बंगाल क्वार्टरली स्पोर्टिंग मैगज़ीन देख सकते है ।
  • भारत के पहले टेस्ट कप्तान सीके नायडू का पासपोर्ट और पासबुक है ।
  • इसके अलावा क्रिकेटर सौरव गांगुली , शूटर अभिनव बिंद्रा और बहुत से अन्य खिलाड़ियो से जुड़ी चीज़े है ।

Fanatic sports museumउद्घाटन पर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने कहा – ‘मै इस फैनेटिक स्पोर्ट्स म्यूजियम की तुलना विष्व के अन्य स्पोर्ट्स म्यूजियम से करूँगा। मैंने बाहर दो स्पोर्ट्स म्यूजियम देखे है – ब्रैडमैन म्यूजियम (Bradman Museum)और एक मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड (Melbourne Cricket Ground) का म्यूजियम । कोलकत्ता का म्यूजियम भी उन जैसा ही अच्छा है । आज के युवा वर्ग को अगर पिछले दौर के खिलाड़ियो के प्रदर्शन से प्रभावित करना है  ऐसे तो म्यूजियम ज़रूरी है। हमारे देश के बहुत से बेहतरीन खिलाडी जो अब नहीं है उन्हें हम उनके गोल्ड , सिल्वर और ब्रोंज मेडल्स से याद कर सकते है जो उन्होंने हमारे देश के लिए जीते थे । सचिन ने और कहा की यह जगह सभी खेलो के लिए है इसलिए मैं सभी नौजवानों से कहूंगा की इस (sports museum) म्यूजियम में ज़रूर आए और खेलो के इतिहास को जाने।’

sport museum- sachin tendulkar

म्यूजियम की सरहाना करते हुए सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने कहा ‘ इस तरह के कदम क्रिकेट मैच में तो लाभदायक नहीं होते परंतु खेलो के प्रोत्साहन के लिए बहुत ज़रूरी होते है । इस म्यूजियम के माध्यम से हम  सचिन (Sachin), ब्रैडमैन (Bradman) , इआन चैप्पेल (Ian Chapell) या धोनी  (M.S Dhoni) के करियर के बारे में जान सकते है । आगे वे कहते है कि मै आशा करता हूँ की आप सब यहाँ आ कर वो यादगार लम्हो को दुबारा जिएंगे जो खेल दिग्गजो ने अपनी मेहनत से कमाए है  क्योकि जब आप वो बल्ला देखेगे जिससे सचिन ने सो वी शतक बनाई  तो बहुत गर्व महसूस होगा ।’

Fanattic sports museum- saurav ganguly

अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने कहा – ‘ मैंने लुसेन में ओलिंपिक म्यूजियम देखा है । जब मैं इस कोलकत्ता के म्यूजियम को देख रहा था तो मुझे लग रहा है की यह भी उसके जैसा ही है । बहुत अच्छा लग रहा है यहाँ आकर । अभिनव ने म्यूजियम की सरहाना करते हुए कहा की ऐसे कदमी से ही हम लोगो में खेलो का प्रोत्साहन बड़ा सकते है ।’

जानकारी

ये म्यूजियम सोमवार (Monday off) के अलावा बाकी सभी दिन खुला है और इसका प्रवेश शुल्क 100 रुपए और छात्रों के लिए 50 रुपए तथा नेशनल लेवल स्पोर्ट्सपर्सन के लिए निशुल्क है ।

समय -सुबह 11:00 से शाम 7:00

अधिक जानकारी- fanatticsportsmuseum.com

 

 

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